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'होर्मुज पर अब सिर्फ US नेवी का कंट्रोल', ट्रंप बोले-ईरान से लेंगे युद्ध का मुआवजा

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 11, 2026 06:38 am IST,  Updated : Aug 11, 2026 07:26 am IST

डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर एक बड़ा ऐलान करने के साथ ही ईरान की ओर युद्ध के मुआवजे की मांग को ठुकराते हुए कहा कि ईरान युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा अमेरिका को दे।

Donald trump- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP

Highlights

  • अमेरिकी नाकाबंदी ‘स्टील की दीवार’ जैसी मजबूत है, ट्रंप ने दावा किया
  • ईरान से युद्ध और पुराने संघर्षों में हताहत अमेरिकी परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
  • ईरान के साथ होने वाली सभी बातचीत में मुआवजे का मुद्दा मजबूती से अमेरिका उठाएगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जहां एक ओर यह दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब सिर्फ अमेरिकी नौसेना का कंट्रोल है वहीं उन्होंने ईरान से युद्ध के दौरान हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग भी रख दी है। मुआवजे की यहा मांग उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए की है।

हम जिसे चाहेंगे वही इस रास्ते से गुजरेगा

डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि इस पर अब केवल अमेरिकी नौसेना का नियंत्रण है और इस इलाके में अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह से मजबूत है। उन्होंने इस नाकाबंदी को स्टील के दीवार की तरह बताया और कहा कि अमेरिका उन्हीं जहाजों को रास्ता देगा जिन्हें वह इस क्षेत्र से गुजरने देना चाहता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमारा 100 प्रतिशत कंट्रोल है।

ईरान अमेरिका को दे मुआवजा

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार चर्चा में है। दोनों देशों की ओर से तरह-तरह के बयान आ रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंचा जा सका है। इस बीच ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। उल्टा इस युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए ईरान अमेरिका को मुआवजा दे। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर एक पोस्ट में यह बात कही है।

Donald Trump
Image Source : TRUTH SOCIALडोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा-"मैं देख रहा हूं कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के रिप्रेजेंटेटिव पिछले पांच महीने की मिलिट्री लड़ाई (जो इसलिए शुरू हुई क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा) के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवज़ा मांग रहे हैं, जबकि हमारी किसी भी बातचीत या मीटिंग में इसका ज़िक्र नहीं हुआ! लेकिन यह एक दिलचस्प आइडिया है क्योंकि अब मैं भी ईरान से मुआवज़े की मांग कर रहा हूं, उन सभी लोगों के लिए जिन्हें उन्होंने अपने रोडसाइड बमों और कई लड़ाइयों से मारा है और गंभीर रूप से घायल किया है, जिसके लिए वे मशहूर हैं, जिसकी शुरुआत जनरल सुलेमानी ने की थी, जिसमें USS कोल पर मारे गए लोगों के परिवार और लड़ाई में मारे गए हज़ारों दूसरे लोग शामिल हैं। इसके अलावा, उन लाखों बेगुनाह प्रोटेस्टर्स के परिवारों को भी मुआवज़ा दिया जाना चाहिए जिन्हें ईरान ने पिछले 50 सालों में मारा है, और उन 52,000 लोगों का तो कहना ही क्या जो पिछले पांच महीनों में मारे गए हैं। मैंने अपने रिप्रेजेंटेटिव्स को निर्देश दिया है कि वे इसे भविष्य की किसी भी बातचीत में मज़बूती से रखें।"

ईरान ने होर्मुज पर रखी ये मांग

दरअसल,  ईरान ने होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए अमेरिका से अरबों डॉलर के भुगतान, नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने, अमेरिकी सैनिकों को क्षेत्र से वापस बुलाने और अन्य रियायतों की मांग की है। बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के कारण यहां समुद्री ट्रैफिक पर असर पड़ा है। इसके चलते वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता बढ़ी है। वहीं इससे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप अपने करीबी अधिकारियों से यह संकेत दे चुके हैं कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में समुद्री यातायात पूरी तरह बहाल कर देता है, तो अमेरिका परमाणु समझौते के बिना भी संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता तलाश सकता है

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